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CoinDCX का काला राज: ED की छापेमारी से साइबर हैक तक, करोड़ों का फ्रॉड और फेक कोइन्स का जाल! 

क्रिप्टो ठगी का केंद्र CoinDCX: WazirX की सिंगापुर कोर्ट में ED की जांच, निवेशकों का पैसा डूबा
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Admin
  • Updated: January 10, 2026

CoinDCX का काला राज: ED की छापेमारी से साइबर हैक तक, करोड़ों का फ्रॉड और फेक कोइन्स का जाल! 
क्रिप्टो ठगी का केंद्र CoinDCX: WazirX की सिंगापुर कोर्ट में ED की जांच, निवेशकों का पैसा डूबा – तथ्य छिपाए गए! 
् RBI-PM की चेतावनी बेअसर:
CoinDCX पर फेक कोइन्स और साइबर अटैक का साया, हजारों निवेशकों की तबाही! 
तिरंगा टाइम्स स्पेशल रिपोर्ट: क्रिप्टो ठगी का काला खेल – CoinDCX पर आरोपों की बौछार 
लखनऊ, 10 जनवरी 2026: 
सोचिए आप अपनी मेहनत का पैसा किसी ऐसी चीज में लगाते हैं जो कंप्यूटर पर दिखती तो बहुत अच्छी है, लेकिन असल में वह पैसा गायब हो जाता है। हम बात कर रहे हैं डिजिटल पैसे की, जिसे क्रिप्टोकरेंसी कहते हैं। यह एक तरह का आभासी पैसा है – नोट या सिक्का नहीं होता, सिर्फ कंप्यूटर और इंटरनेट पर चलता है। इसमें कोई बैंक या सरकार सीधे नियंत्रण नहीं रखती। इसलिए अनट्रेकेबल है शायद इसीलिए देश में आतंकवाद से लेकर ट्रक तस्करी वह अन्य गंभीर अपराधों में क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से लेनदेन होता है ऐसे कई मामले देश में आ चुके हैं। भारत में यह अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुआ था कि ठगी का शिकार बन गया। लाखों लोग अपना पैसा खो चुके हैं। लेकिन आज हमारा फोकस है CoinDCX नाम की कंपनी पर, जो डिजिटल पैसे का सबसे बड़ा व्यापार करने का दावा करती है। इस कंपनी पर गंभीर आरोप लग रहे हैं – ठगी, पैसे की हेराफेरी और नियम तोड़ने के। हम आपको बहुत सरल भाषा में पूरी बात समझाएंगे – कोई मुश्किल शब्द नहीं इस्तेमाल करेंगे। आइए देखते हैं कैसे आजकल CoinDCX इस पूरे खेल का केंद्र बन गई है।देश का बैंक चेतावनी दे रहा है: बड़ा खतरा है
भारत का सबसे बड़ा बैंक है रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)। हाल ही में RBI ने साफ कहा है – यह डिजिटल पैसा हमारे देश की अर्थव्यवस्था (यानी पूरे देश की पैसों की व्यवस्था) के लिए खतरा बन सकता है। वे कहते हैं कि यह पैसा स्थिर नहीं रहता, कभी बहुत ऊपर जाता है, कभी नीचे गिर जाता है। अगर लोग अपना सारा पैसा इसमें लगा देंगे, तो आम रुपया कमजोर हो जाएगा, चीजें महंगी हो जाएंगी और बैंकों पर बुरा असर पड़ेगा। RBI के बड़े अधिकारी ने कहा कि इससे विदेशी पैसा (जैसे अमेरिकी डॉलर) ज्यादा ताकतवर हो जाएगा, जो भारत के लिए अच्छा नहीं है। मतलब, आपकी जेब का पैसा कमजोर पड़ सकता है। RBI यह चेतावनी इसलिए दे रहा है क्योंकि वह देश के पैसे की रखवाली करता है। हाल ही में RBI ने विशेष रूप से स्टेबलकॉइन्स नाम की डिजिटल मुद्रा पर चेतावनी दी है कि ये देश की आर्थिक नीति को बिगाड़ सकती हैं और पैसे की व्यवस्था में दिक्कत पैदा कर सकती हैं। RBI बार-बार कह रहा है कि डिजिटल पैसा से आर्थिक स्थिरता को खतरा है, लेकिन सख्त नियम न होने की वजह से CoinDCX जैसी कंपनियां इसे बढ़ावा दे रही हैं।देश के प्रधानमंत्री की चिंता: गलत लोगों के हाथ न जाए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी कई बार कहा है कि डिजिटल पैसा गलत लोगों के हाथ में नहीं जाना चाहिए। वे कहते हैं कि सभी देश मिलकर इसकी देखभाल करें, वरना युवा लोगों की जिंदगी खराब हो सकती है। मोदी जी चाहते हैं कि इसका इस्तेमाल देश को मजबूत बनाने में हो, न कि नुकसान पहुंचाने में। उन्होंने सिडनी डायलॉग में कहा कि सभी लोकतांत्रिक देश मिलकर सुनिश्चित करें कि क्रिप्टो गलत हाथों में न पड़े, वरना यह युवाओं को बर्बाद कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल पैसा टेरर फंडिंग में इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन दुख की बात है कि भारत में अभी तक इसके लिए सख्त नियम नहीं बने हैं। नियम नहीं होने की वजह से ठग आसानी से लोगों को लूट रहे हैं। एक तरफ PM मोदी चिंता जता रहे हैं, RBI बार-बार चेतावनी दे रहा है, लेकिन CoinDCX के फाउंडर सुमित गुप्ता लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं और दबाव बना रहे हैं कि भारत में डिजिटल पैसा को कानूनी मान्यता दी जाए। सुमित गुप्ता कहते हैं कि रेगुलेशन की कमी से इंडस्ट्री रुक रही है, लेकिन सवाल उठता है कि क्या यह निवेशकों की सुरक्षा से ज्यादा कंपनी के फायदे के लिए है?भारत में बढ़ता क्रिप्टो क्राइम: कंपनियां पैसा लेकर भाग गईं
भारत में डिजिटल पैसे के नाम पर बहुत ठगी हुई है। कुछ कंपनियां जैसे Mr Mint, Tallwin Life, Mether M Coin, Ruby Coin, SBG Global और Bot Bro ने लोगों से कहा – “हमारे यहां पैसा लगाओ, एक साल में दोगुना-तिगुना हो जाएगा।” लोग लालच में आ गए और पैसा दे दिया। लेकिन ये कंपनियां पैसा लेकर विदेश भाग गईं। और एक बार भाग गए तो फिर दोबारा वापस नहीं आए भारत की एजेंसियां और पुलिस के साथ-साथ उन कंपनियों के निवेशक आज भी उनका इंतजार कर रहे हैं। ये एक तरह का खेल था जहां नए लोगों का पैसा पुराने लोगों को दिया जाता था। जब नए लोग आने बंद हुए, तो सबका पैसा डूब गया। तेलंगाना पुलिस ने एक ऐसी ठगी पकड़ी जिसमें लाखों रुपये लूटे गए। मुंबई पुलिस ने ऐसी कई कंपनियों को पकड़ा और निवेशक का पैसा आनंद फॉर्म में वापस कर जमानत पाकर भागने में कामयाब रहे। साल 2025 में सिर्फ भारत में ही ऐसे धोखे से करीब 370 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। आपको बता दे की 90% क्रिप्टो ठगी के मामले रिपोर्ट ही नहीं होते हैं अर्थात उनकी कंप्लेंट दरजी नहीं होती है। दुनिया भर में तो लाखों करोड़ रुपये की काली कमाई इस डिजिटल पैसे से छिपाई जा रही है। क्योंकि इसका कोई हिसाब-किताब आसानी से नहीं पता चलता। क्योंकि यह अनट्रेकेबल है एक बड़ी बात यह है कि ज्यादातर कंपनियां सिर्फ वेबसाइट पर चलती हैं, काल्पनिक विदेशी मालिक और काल्पनिक पता बताती हैं। ठगी करने के बाद वेबसाइट बंद कर देती हैं और फरार हो जाती हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग शिकायत ही नहीं कर पाते, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं चलता कहां जाएं। लेकिन CoinDCX जैसी कंपनियां इन ठगियों के बीच भी खड़ी हैं और डिजिटल पैसे को बढ़ावा दे रही हैं, जो और ज्यादा सवाल खड़े करता है।अमेरिका की FBI की रिपोर्ट: क्रिप्टो ठगी में दुनिया में भारत पांचवें नंबर पर
अमेरिका की बड़ी जांच एजेंसी FBI ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि डिजिटल पैसे की ठगी में भारत दुनिया में पांचवें स्थान पर है। 2023-2024 में भारत से 840 से ज्यादा शिकायतें आईं और करीब 370 करोड़ रुपये लोग खो चुके हैं। FBI कहती है कि ज्यादातर ठगी निवेश के नाम पर होती है – लोग बड़े मुनाफे के लालच में पैसा लगा देते हैं और सब गंवा बैठते हैं। यह रिपोर्ट इसलिए डराने वाली है क्योंकि FBI दुनिया भर के अपराध देखती है। अगर भारत में जल्दी नियम नहीं बने, तो हमारा नंबर और ऊपर चला जाएगा। CoinDCX पर बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं कि यह ठगी को बढ़ा रही है, क्योंकि कंपनी खुद को सुरक्षित बताकर लोगों को फंसा रही है। 
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CoinDCX कंपनी पर बड़े सवाल: ठगी का केंद्र?
अब सबसे बड़ा सवाल – जब इतनी कंपनियां ठगी करके भाग गईं या बंद हो गईं, तो CoinDCX नाम की कंपनी अभी भी भारत में डिजिटल पैसा बेचने की बात क्यों कर रही है? यह कंपनी कहती है कि वह सरकार की एक संस्था FIU से जुड़ी हुई है और पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन सच यह है कि वह संस्था FIU सिर्फ रिपोर्ट भेजने का काम करती है, कोई सुरक्षा का सर्टिफिकेट नहीं देती। इससे लोग गलतफहमी में पड़ जाते हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या कंपनी ने निवेशकों को गुमराह कर रही है? CoinDCX पर कई गंभीर इल्ज़ाम हैं, और हम इन्हें विस्तार से समझाते हैं:ED के मामले: पैसे की हेराफेरी का आरोप
जांच एजेंसी ED ने 2025 में कंपनी से जुड़े खातों से 8.46 करोड़ रुपये जब्त किए। वजह – वहां बिना सही जांच के पैसा आ-जा रहा था, जो एक बड़ी ठगी का हिस्सा था। ED ने पाया कि CoinDCX के non-KYC अकाउंट्स से 4.81 करोड़ की USDT (एक तरह का डिजिटल पैसा) कन्वर्ट किया गया, जो फेक ई-कॉमर्स ऐप्स और निवेश ठगी से जुड़ा था। ED ने हैदराबाद में 92 बैंक अकाउंट्स में से CoinDCX को शामिल पाया, जहां साइबर फ्रॉड का पैसा घूम रहा था। यह मामला फेक ऐप्स, निवेश घोटाले और मोबाइल ऐप्स से जुड़ा है। CoinDCX कहती है कि वह सख्त नियम फॉलो करती है, बड़ा सवाल उठता है कि अगर सख्त नियम फॉलो करते हैं तो ऐसे लेन-देन कैसे हो गए? ED की जांच 2025-2026 में और तेज हुई, जहां CoinDCX से जुड़े फंड फ्लो को ट्रेस किया गया। 
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टैक्स चोरी के मामले: GST में हेराफेरी
कर विभाग ने कहा कि कंपनी ने लेन-देन की फीस पर टैक्स नहीं दिया। कुल 824 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी में CoinDCX का नाम है। दिसंबर 2024 में सरकार ने लोकसभा में बताया कि CoinDCX से 22.61 करोड़ रुपये टैक्स, ब्याज और जुर्माना रिकवर किया गया। कंपनी इसे रेगुलेशन की कमी बताती है, अपने आप को FIU रजिस्टर्ड बताती है बावजूडिस स्कीम मनी लॉन्ड्रिंग व्हाट टैक्स चोरी के गंभीर आरोप लगता है। ऐसे में निवेशकों का भरोसा कैसे बनेगा? क्या कंपनी ने इंडिपेंडेंट जांच कराई?हैदराबाद और दिल्ली पुलिस के मामले: FIR और ठगी
दिल्ली पुलिस और हैदराबाद पुलिस में CoinDCX के नाम से नकली ऐप्स और वेबसाइट बनाकर ठगी की कई शिकायतें आईं। पुलिस ने कई केस दर्ज किए। हैदराबाद में ED ने साइबर फ्रॉड में CoinDCX को जोड़ा, जहां फेक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से ठगी हुई। दिल्ली में भी साइबर फ्रॉड के केस हैं। एक दूसरी कंपनी WazirX ने विदेशी अदालत में कहा कि CoinDCX ने लोगों का पैसा विदेश की एक गैर-कानूनी कंपनी में रखा, जो भारत के नियमों के खिलाफ है। कंपनी पर सैकड़ों विदेशी डिजिटल पैसे बेचे जा रहे हैं। आंकड़ों की माने तो CoinDCX पर कल 500 क्रिप्टो करेंसी व्हाट टोकन लिस्ट किए गए। जिनमें से कई के मालिक का नाम काल्पनिक तो कई का ऑफिस का पता काल्पनिक है। अगर कोई नकली निकला या स्कैम साबित हुआ, तो लोगों का पैसा कौन लौटाएगा? कंपनी की रिपोर्ट में लोगों की सुरक्षा के लिए सिर्फ 62 करोड़ रुपये का फंड है। अगर बड़ा धोखा या हैकिंग हुई तो क्या होगा? इतने इल्ज़ामों के बावजूद कंपनी पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? यह सवाल हर कोई पूछ रहा है। हैदराबाद और दिल्ली पुलिस के अलावा भारत में न जाने कितने मुकदमे दर्ज हैं – कई राज्यों में साइबर फ्रॉड के केस CoinDCX से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन पूरा खुलासा नहीं हुआ। 
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फेक कोइन्स की लिस्टिंग: डिटेल्स और निवेशकों को नुकसान
CoinDCX पर फेक या संदिग्ध कोइन्स की लिस्टिंग एक बड़ा मुद्दा रहा है। उदाहरण के लिए, नवंबर 2024 में PeiPei नामक कोइन लिस्ट किया गया, जो ओरिजिनल नहीं बल्कि एक फेक वर्जन था, और यह रग पुल स्कैम साबित हुआ। इससे कई यूजर्स को भारी नुकसान हुआ, क्योंकि कोइन 3 लाख प्रतिशत तक ऊपर गया और फिर क्रैश हो गया। 
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 2025 में ZELIX, BERRY, DOSE और Elumia जैसे टोकन्स डेलिस्ट किए गए, क्योंकि इनमें कम लिक्विडिटी, संभावित स्कैम एक्टिविटी और मार्केट डिमांड की कमी थी। 
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 इन फेक कोइन्स से निवेशकों को अनुमानित 370 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसमें 90% मामले रिपोर्ट नहीं हुए। 
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 कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर शेयर किया कि फेक लिस्टिंग से उनका पूरा इन्वेस्टमेंट डूब गया, और कंपनी ने कोई कंपेंसेशन नहीं दिया। 
साइबर अटैक में तथ्य छुपाने और निवेशकों की दिक्कतें
जुलाई 2025 में CoinDCX पर $44 मिलियन (करीब 378 करोड़ रुपये) का साइबर अटैक हुआ, जिसमें एक कर्मचारी को फेक जॉब ऑफर से मालवेयर इंस्टॉल करवाकर हैक किया गया। 
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कंपनी ने कई तथ्य छिपाए, जैसे कि अटैक 16-19 जुलाई के बीच हुआ, लेकिन पहले से स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स में गड़बड़ी थी, और कोई एक्शन नहीं लिया गया। 
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 इस छिपाव से निवेशकों की दिक्कतें बढ़ीं – ट्रेडिंग सस्पेंड हो गई, फंड्स लॉक हो गए, विड्रॉल महीनों तक रुके रहे। कई यूजर्स ने शिकायत की कि सपोर्ट से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला, और लीगल फीस में अतिरिक्त खर्च हुआ। 
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एक साल बाद भी, जनवरी 2026 तक फंड्स रिकवर नहीं हुए, और यूजर्स कोर्ट जा रहे हैं।WazirX द्वारा सिंगापुर कोर्ट में ED की कार्रवाई: अब तक क्या हुआ?
WazirX की पैरेंट कंपनी Zettai Pte Ltd ने 2024 हैक के बाद रिस्ट्रक्चरिंग के लिए सिंगापुर हाई कोर्ट में अपील की। ED ने इंडिया में जांच शुरू की, क्योंकि हैक में मनी लॉन्ड्रिंग का ऐंगल था। 
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 ED ने WazirX के फाउंडर्स से पूछताछ की और फंड फ्लो ट्रेस किया। सितंबर 2025 में कोर्ट ने क्रेडिटर्स को नया डेडलाइन दिया, और अक्टूबर 2025 में प्लान अप्रूव हुआ, जिसमें यूजर्स को पार्शियल रिफंड और रिकवरी टोकन्स देने का प्रावधान था। 
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ED की कार्रवाई में अब तक कुछ फंड्स फ्रीज हुए, लेकिन पूरा रिकवरी नहीं। 
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 दिसंबर 2025 तक, कोर्ट ने इंडिपेंडेंट प्रूफ मांगा कि WazirX के पास डिजिटल एसेट्स का कंट्रोल है। 
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 निवेशकों का आरोप है कि ED की स्लो जांच से उनकी दिक्कतें बढ़ीं – फंड्स अनलॉक नहीं हुए, और स्कैम का पैसा अवैध निवेशों में चला गया। WazirX ने कोर्ट में CoinDCX पर भी आरोप लगाए कि फंड्स विदेशी कंपनियों में रखे गए, जो CoinDCX के मामलों से जुड़े हैं।डिजिटल पैसे का सबसे डरावना पक्ष: नशा, आतंक और काला धन
यह डिजिटल पैसा सिर्फ आम लोगों को ठगने तक नहीं रुकता। इसका इस्तेमाल बड़े अपराधों में भी हो रहा है: नशे की तस्करी करने वाले अपना पैसा इससे छिपाते हैं। आतंकवादियों को पैसा भेजने में इस्तेमाल होता है। काला धन (गलत तरीके से कमाया पैसा) छिपाने का आसान तरीका है। पुणे पुलिस ने पकड़ा कि नशे के धंधे से कमाए 4.5 करोड़ रुपये को डिजिटल पैसे में बदला गया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह नशे की तस्करी की नई मुश्किल है। क्योंकि कोई बैंक या सरकार इसका हिसाब नहीं रखती, इसलिए पुलिस को पता लगाना बहुत मुश्किल हो जाता है। CoinDCX जैसी कंपनियां इन अपराधों को बढ़ावा दे रही हैं, क्योंकि वे डिजिटल पैसे को प्रमोट करती हैं।आप क्या करें? सावधान रहें!
दोस्तों, जब इतना बड़ा धोखा चल रहा है, तो CoinDCX जैसी कंपनियां लोगों को “सुरक्षित निवेश” का झांसा क्यों दे रही हैं? जांच एजेंसियां, पुलिस, अदालत – सबने सवाल उठाए हैं, फिर कार्रवाई क्यों नहीं? हम आपसे कहते हैं – डिजिटल पैसे में अपना मेहनत का पैसा लगाने से पहले दस बार सोचें। कहीं आपका पैसा भी गायब न हो जाए। सरकार से गुजारिश है कि सख्त नियम बनाए। तिरंगा टाइम्स इस मुद्दे पर नजर रखे हुए है – अधिक अपडेट्स के लिए बने रहे। 

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